Organic farming, कर रही 105 साल की उम्र पांपामल को दिया Padmashri Award

Padmashri Award given to Pampamal at the age of 105 doing organic farming

आज के समय में कोई भी खेती में काम करना पसंद नहीं करता सोचते हैं। कि कहीं नौकरी करेंगे या फिर कोई बिजनेस करके चलाएंगे परंतु आज हम आपको ऐसी दादी के बारे में बताने जा रहे हैं। आज भी 105 साल की उम्र में भी खेतों में काम करती है। और यहां तक कि उनको पद्मश्री भी अवार्ड से सम्मानित किया गया है।

आपको बता दें कि दक्षिण भारत के तमिलनाडु और वहां के नीलगिरी तलहटी के आसपास भवानी के तट पर थेकमपट्टी गांव में आजकल वहां के निवासी बेहद ही खुश दिखाई दे रहे हैं। और यहां तक की चर्चाएं भी बड़ी जोर शोर से चल रही है। और इसका कारण यह है। कि उस गांव की 105 साल की किसान बुजुर्ग महिला पांपामल को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। और इसी कारण वर्ष उस गांव के लोग बहुत ही ज्यादा खुश दिखाई दे रहे हैं।

105 साल की बुजुर्ग किसान महिला को लोग प्यार से पांपामल को आर संगमा भी कहते हैं। आपको बता दें कि 105 साल की दादी पिछले 70 साल से भी अधिक समय से आज भी जैविक खेती करती है। यानी कि ऑर्गेनिक फार्मिंग करती है। जो कि अपने आप में एक बड़ी बात है। और यहां तक कि हर किसी को इससे प्रेरणा अवश्य लेना चाहिए, और इन से प्रभावित होकर के भी महिलाएं भी इसी प्रकार के काम करती है।

बता दे कि इस महिला ने 30 साल की उम्र में ही आस-पास के गांव में अपने पैसों की बचत से एक छोटे से भूखंड पर ही अपना काम शुरू कर दिया था जोकि अपने आप में अभूतपूर्व है। और वह भी ऑर्गेनिक फार्मिंग करना आज के समय में बहुत ही ज्यादा मुश्किलों से भरा हुआ रहता है। और लोगों को भी इसी प्रकार की फार्मिंग करनी चाहिए जो कि अपने स्वास्थ्य के लिए भी बेहद ही ज्यादा लाभदाई है।

दादी पांपामल आज भी ढाई एकड़ भूमि पर जाती है। और उसी जमीन पर बाजरा, केले, और भिंडी के साथ-साथ अन्य कई इसी प्रकार के प्रथक प्रथक फलों की फसल उगाती है। परंतु इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि दादी हर दिन सुबह के 5:00 बजे उठकर के उनकी दिनचर्या शुरू हो जाती है। तत्पश्चात 6:00 बजे से उनका खेतों में काम शुरू होता है। और दादी केवल पत्ते पर ही खाना खाती है। और यहां तक की वह जैविक कृषि के विश्वविद्यालय की एक समिति का भी हिस्सा है। और यहां तक कि होने वाले जैविक प्रदर्शनों में भी भाग। और हर घटना पर भी ध्यान देती है।

राजनीति में भी दादी पांपामल की उपस्थिति है। वहां के पार्षद के रूप में भी चुनी गई है। और यही कारण है। कि उन्हें पद्मश्री मिलने के बाद लोगों ने उन्हें बधाई देना शुरू किया है। और यहां तक की भारतीय पूर्व क्रिकेट टीम के खिलाड़ी वीवीएस लक्ष्मण ने भी ट्वीट करते हुए कहा कि, आयु केवल एक संख्या है। 105 वर्षीय पांपामल ने जैविक कृषि क्षेत्र में ऑर्गेनिक फार्मिंग करती है। और ढाई एकड़ जमीन पर बाजरा दाल और सब्जी या इसके साथ अन्य कई सब्जियां उगाती है और यहां तक कि बाजरा दाल और सब्जियां उगादि है। 

प्रोविजन स्टोर और भोजनालय में भी इनकी उपस्थिति है। यानी कि चलाती है। और स्वाभाविक बात है कि पांपामल का यह कार्य लाखों-करोड़ों लोगों को प्रेरणा देने वाला है। परंतु इन सब पर आपकी क्या राय है। आप कमेंट करके बताएं

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