'America, के इस राज्य को (Yog) योग से इतनी घृणा क्यों' जारी रहेगा स्कूलों में प्रतिबंध

'America, के इस राज्य को (Yog) योग से इतनी घृणा क्यों' जारी रहेगा स्कूलों में प्रतिबंध

भारत का प्राचीन (Yog) योग अमेरिका में बड़ी संख्या में लोग (Yoga) योगा करते हैं। और यहां तक कि अमेरिका में बड़े पैमाने पर लोग (Yoga) योग करते हैं। ऐसे में अमेरिका का एक राज्य अलबामा में योग को कर दिया है प्रतिबंध, और यह प्रतिबंध आगे भी बना रहेगा। अलबामा की सीनेट में एक विधेयक को पेश कर दिया गया था। ताकि इस प्रतिबंध को हटाया जा सके। परंतु वहां की कुछ मानसिक विकृति वाले रूढ़िवादी विचारधारा वाले समुदाय के दबाव के कारण इसे रोक दिया गया है।

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• अलबामा के एक स्कूल में योग पर लगा प्रतिबंध

• योगा पर लगे प्रतिबंध को हटाने वाले विधेयक को रोका गया।

• अलबामा के कुछ रूढ़िवादी लोगों को लगता है। कि योग से हो सकता है। कि हिंदू धर्म में परिवर्तन होने का डर

• योग पर लगाया गया था 1993 में अलबामा राज्य के स्कूलों में प्रतिबंध

भारत का प्राचीन (Yog) योग अमेरिका में बड़ी संख्या में लोग (Yoga) योगा करते हैं। और यहां तक कि अमेरिका में बड़े पैमाने पर लोग (Yoga) योग करते हैं। ऐसे में अमेरिका का एक राज्य अलबामा में योग को कर दिया है प्रतिबंध, और यह प्रतिबंध आगे भी बना रहेगा। अलबामा की सीनेट में एक विधेयक को पेश कर दिया गया था। ताकि इस प्रतिबंध को हटाया जा सके। परंतु वहां की कुछ मानसिक विकृति वाले रूढ़िवादी विचारधारा वाले समुदाय के दबाव के कारण इसे रोक दिया गया है। यह एक दुर्भाग्य की बात है। कि योग जैसे मनुष्य जीवन और शरीर को स्वस्थ रखने वाले योगा पर इस प्रकार प्रतिबंध लगाना कहां तक सही है।

योगा को प्रतिबंधित करने का ईसाई के कुछ कट्टर अनुयाई और हिंदू विरोधी मानसिकता वाले लोगों का यह तर्क है। कि कहीं योगा सिखाने के कारण कई ईसाई धर्म के लोग हिंदू धर्म में धर्मांतरण कर सकते हैं। और यही कारण है कि इस विधेयक पर रोक लगा दी गई है।

यह प्रतिबंध 1993 में लगाया गया था। अलबामा के स्कूलों में 

आपको बता दें कि योगा के साथ अन्य दो शिक्षा पर भी लगाया था प्रतिबंध। जिसमें सम्मोहन और ध्यान लगाने वाली क्रिया भी शामिल थी, जिस को प्रतिबंधित किया गया था। और यह प्रतिबंध 1993 में अलबामा के शिक्षा बोर्ड के माध्यम से राज्य के सरकारी स्कूलों में प्रतिबंधित करने के पक्ष में मतदान किया गया था। और इसी प्रतिबंध को हटाने के लिए एक विधेयक पेश किया गया था अंबाला राज्य की सीनेट में।

योगा के कारण ईसाई लोग हिंदू धर्म में धर्मांतरित हो सकते हैं।

आपको बता दें कि इस विधेयक का विरोध करते हुए, वहां की कुछ रूढ़िवादी कार्यकर्ता बेक्की गेरिटसन का कहना है। कि योगा हिंदू धर्म का ही एक बड़ा हिस्सा है। और इसमें कहा गया है। ईसाई समूह इसलिए विरोध कर रहे हैं। के इस (Yog) योग के कारण हिंदू धर्म का व्यवहार पूरे स्कूलों में आ जाएगा। और इससे इसाई धर्म प्रभावित हो जाएगा परंतु इसके उलट। डेमोक्रेटिक पार्टी के विधायक जेरेमी ग्रे ने इस धारणा का खंडन किया कि हिंदू धर्म के अनुयायी इससे धर्मांतरण करने लगेंगे। और साथ ही कहा कि हिंदुओं के कारण इस प्रकार का कोई भी धर्मांतरण नहीं होने वाला है।

करारा जवाब दिया अलबामा के विधायक ने

उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि मैं पिछले 10 साल से योग का अभ्यास कर रहा हूं। और यहां तक की मैंने कक्षाओं में 5 साल तक योग सिखाया है। और रही बात ईसाई धर्म प्रभावित होने की, तो आज में बता सकता हूं कि मैं आज भी हर रविवार को बैप्टिस्ट चर्च में हाजिरी लगाता हूं। इस विधेयक का एक ही लक्ष्य है। की अलबामा के सरकारी स्कूलों में योग को एक बेहतर विषय के तौर पर चुनने का विकल्प देना था।

योग के बारे में बता दें कि, (Yog) योग एक आयुर्वेदिक पद्धति जैसा है। जो हर मनुष्य के शरीर को स्वस्थ रखने का कार्य करता है। और इसको किसी धर्म से जोड़ना सही नहीं है। योग एक भारतीय परंपरा का प्राचीन अविष्कार है। जिसे आज पूरी दुनिया मान रहे हैं। परंतु कुछ लोग इसे गलत नजरिए से देख रहे हैं। इन सब पर आपकी क्या राय है। अब कमेंट करके बताएं

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